विज्ञानं कहता है क़ि माँ का
खून बाप के खून से ज्यादा गाढ़ा
होता है | आप क्या कहते हैं ?
–
ना देखा ना सुना ना आजमाया हमको
ख़ारिज किया निक्कम्मा बताया हमको

क्या पता था साथ चलते चलते
मंजिल के पास कभी नहीं पहुंचेंगे
ना साथ का अंदाज था हमको
ना मंजिल की सही पहचान थी
कडुआ सच
मेरे दादा जी की शादी मेरी दादी से कर दी गयी
उनकी कोई देखा दाखि नहीं थी बस पडदादा गए
शादी पक्की करके ही लोटे थे और एक दिन सात
फेरे दिवा दिए और घर बस गया २० प्रतिशत भी
हमारे दादा दादी की रुचियाँ एक जैसी नहीं थी
बहुत बार लड़ते देखा उनको प्यार की बातें तो
करते [...]
कडुआ सच
मेरे दादा जी की शादी मेरी दादी से कर दी गयी
उनकी कोई देखा दाखि नहीं थी बस पडदादा गए
शादी पक्की करके ही लोटे थे और एक दिन सात
फेरे दिवा दिए और घर बस गया २० प्रतिशत भी
हमारे दादा दादी की रुचियाँ एक जैसी नहीं थी
बहुत बार लड़ते देखा उनको प्यार की बातें तो
करते [...]
प्रदेश के अपराध आंकड़ों पर एक नजर
वर्ष हत्या सदोस मानव हत्या डकैती अपहरण
१९६६ १८३ [...]
हमें क्या पाता था खेल रहे जज्बात के साथ
मजाक किया देखो तो हमारी औकात के साथ
उनका सिस्टम ही ऐसा हमें मालूम न था यारो
कुर्बान हुए हम तो बस उनकी बात के साथ
हर रिश्ता यहाँ टिका है पैसे क़ि नीव पर यारो
बदलते देखा इसको हमने हर रात के साथ
पैसे ने छीन ली है हम सब [...]
समाज सुधार के कुछ पहलू–
१ नशाखोरी
२. पर्दा प्रथा
३. परिवारों में स्त्रियों और बचों क़ि पिटाई
४. लड़के लड़की में भेदभाव
५. निरक्षरता
६. फूहड़ साहित्य और घटिया फिल्मों क़ि और रुझान
७.समाज से उदासीनता ,
८ कर्मकांड
९. अंधविश्वास
१०. दहेज़ और दहेज़ हत्या
११ स्त्री भ्रूण हत्या \\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\
और भी अहम् मुद्दे हो सकते है नवजागरण के समाज सुधार के
आप भी सजस्ट [...]
ज्ञान विज्ञानं आन्दोलन का सार, उसका लक्ष्य नवजागरण है|नवजागरण यानि ऐसा आन्दोलन जिसमें समाज के सभी तबके हिस्सा ले सकें और ऐसा सामाजिक वातावरण बना सकें जिसमें सभी नागरिकों को अपनी पहचान और अपनी सामाजिक भूमिका मिल सके | आखिर हमारे समाज में ऐसी क्या कमजोरियां हैं की अत्याचारी और भ्रष्टाचारी हमारे सिरताज बने [...]