Secular Haryana
Live and Let Live
SUN KISAN

नींद से जाग जा अन्नदाता किसान जरा
अब तो होश में आजा ऐ इन्सान जरा
कर संघर्ष आज सब भेद दे भुला
मेहनतकश मजदूर से हाथ मिला
मंदी के दौर ने सब पोल खोली
अमीर खड़ा दरबार में पसारे झोली
अमीरों की थी अमीरों की है सरकार
इस सच से मत करना अब इंकार